बीजीएसबीयू, जिला प्रशासन राजौरी और आईजीएनसीए द्वारा फाउंडर्स पार्क में रंगारंग जनजातीय लोक संगीत कार्यक्रम का आयोजन राजौरी, 28 मार्च 2026: (संज़ीव कुमार) आज बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय (BGSBU) द्वारा जिला प्रशासन राजौरी और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के सहयोग से फाउंडर्स पार्क, बीजीएसबीयू में एक जनजातीय लोक संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त राजौरी, अभिषेक शर्मा ने किया। उन्होंने जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के महत्व पर जोर दिया। सभा को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम जनजातीय समुदायों की अनोखी संस्कृति, जीवनशैली और संगीत परंपराओं का उत्सव होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पारंपरिक जनजातीय खेलों को बढ़ावा देने से युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों में जोड़ा जा सकता है और उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखा जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे प्रयास जनजातीय समुदायों की पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को पुनर्जीवित करने में भी सहायक हैं। इस अवसर पर बीनी (Bini) जैसे पारंपरिक खेल और भारोत्तोलन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जिनमें सरकारी योजनाओं, स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित किया गया। इन विभागों में स्वयं सहायता समूह (SHGs), हथकरघा एवं हस्तशिल्प, भेड़ पालन, पशुपालन, समाज कल्याण, मत्स्य पालन, स्वास्थ्य एवं आयुष, उद्योग, पर्यटन, कृषि, बागवानी एवं मधुमक्खी पालन, वन, वन्यजीव और शिक्षा विभाग शामिल थे। कार्यक्रम की सांस्कृतिक रंगत को और बढ़ाते हुए पर्यटन विभाग द्वारा एक पारंपरिक झोपड़ी बनाई गई, जो जनजातीय जीवनशैली को दर्शाती थी। वहीं, बीजीएसबीयू के छात्रों द्वारा बनाया गया मिट्टी का घर जनजातीय समुदायों की वास्तुकला और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रतिबिंबित करता था। एक खुला संग्रहालय भी स्थापित किया गया, जिसमें मिट्टी के बर्तन, लकड़ी के हल और पुआल से बने बैठने के साधन जैसे पारंपरिक वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया, जिससे दर्शकों को पारंपरिक जीवनशैली की झलक मिली। बीजीएसबीयू और डॉन पब्लिक स्कूल के छात्रों द्वारा एक आकर्षक नाटक/स्किट प्रस्तुत किया गया, जिसमें जनजातीय जीवनशैली, विवाह परंपराएं और अन्य पारंपरिक पहलुओं को दर्शाया गया। कार्यक्रम के सांस्कृतिक भाग में विशेष रूप से गुज्जर और पहाड़ी समुदायों के गायकों द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया और क्षेत्र की समृद्ध संगीत परंपरा को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों और सहयोगियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अन्य गणमान्य व्यक्तियों में एसएसपी राजौरी गौरव सिकारवार (IPS), एडीडीसी राजौरी मलिकज़ादा शेराज़-उल-हक, आईजीएनसीए की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. श्रुति अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार एवं अर्थ ट्राइबल फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक बृजेश झा, जेबी खुर्शीद बिस्मिल, एमईटी के अध्यक्ष, प्रो. टीटी ज़ेवियर (डीन, नर्सिंग स्कूल), मोहम्मद इशाक (परीक्षा नियंत्रक), डॉ. शम्स कमाल अंजुम (एसोसिएट डीन) और असगर अली शाह (एसोसिएट डीन) सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक, छात्र और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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